Edited By Neetu Bala, Updated: 12 Jan, 2026 07:29 PM

सप्लाई की कमी और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण चांदी और सोने की कीमतें बढ़ी हैं।
जम्मू डेस्क : पिछले साल चांदी ने निवेशकों को शानदार फायदा दिया और इसकी कीमत में करीब 170% की तेजी आई। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के अनुसार चांदी की तेजी अभी खत्म नहीं हुई है और 2026 में यह नया रिकॉर्ड बना सकती है। कंपनी ने MCX पर चांदी का 2026 का लक्ष्य 3.20 लाख रुपये प्रति किलो बताया है।
ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक तनाव, व्यापार को लेकर अनिश्चितता, ब्याज दरों में नरमी, ETF में बढ़ता निवेश, सप्लाई की कमी और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण चांदी और सोने की कीमतें बढ़ी हैं।
लक्ष्य समय से पहले पूरे
मोतीलाल ओसवाल ने 2025 की शुरुआत में सोने के 84,000 रुपए और चांदी के 1.10 लाख रुपए तक पहुंचने का अनुमान लगाया था, लेकिन ये लक्ष्य पहले ही पूरे हो गए।
सोना पहली तिमाही में 84,000 रुपए पर पहुंच गया और बाद में रिकॉर्ड स्तर तक चला गया।
चांदी भी दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई।
उद्योगों में बढ़ी मांग
चांदी की मांग सिर्फ निवेश के लिए नहीं, बल्कि सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और बिजली से जुड़े कामों में भी तेजी से बढ़ी है। इसी वजह से चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया।
2026 में क्या रहेगा रुझान
ब्रोकरेज के अनुसार 2026 की शुरुआत में चांदी मजबूत रह सकती है। आगे की चाल वैश्विक अर्थव्यवस्था और नीतियों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह दी गई है।
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