राजौरी में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को सख्त निर्देश

Edited By VANSH Sharma, Updated: 01 Feb, 2026 09:19 PM

review of rural development schemes in rajouri

राजौरी जिले में चल रही प्रमुख ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए राज कुमार थापा मेमोरियल डाक बंगले में एक अहम बैठक आयोजित की गई।

राजौरी (शिवम): राजौरी जिले में चल रही प्रमुख ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए राज कुमार थापा मेमोरियल डाक बंगले में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता निदेशक ग्रामीण विकास विभाग, जम्मू, शहनाज़ अख्तर ने की।

बैठक में सहायक आयुक्त विकास राजौरी औक़िल नवीद, कार्यकारी अभियंता (आरईडब्ल्यू) राजौरी, विभिन्न ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), सहायक अभियंता तथा कनिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे। निदेशक ने बैठक के दौरान मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) और केंद्र शासित प्रदेश कैपेक्स कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं को समय पर पूरा करने और जवाबदेही तय करने पर ज़ोर दिया। कमजोर प्रदर्शन वाले ब्लॉकों की समस्याओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश भी दिए गए।

मनरेगा के तहत मजदूरों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी बीडीओ को सख्त निर्देश दिए गए। विशेष रूप से बीडीओ प्लांगर और बीडीओ पंजग्रेन को 10 दिनों के भीतर भुगतान व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए गए। वहीं बीडीओ थन्नामंडी सहित अन्य बीडीओ को 7 दिनों के भीतर सभी जॉब कार्डों की आधार सीडिंग पूरी करने को कहा गया। किसी भी तकनीकी समस्या को तुरंत एमआईएस टीम के साथ समन्वय स्थापित कर हल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी ज़ोर दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण की समीक्षा के दौरान निदेशक ने लंबित आवासों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। श्रेणी-ए के अंतर्गत सभी लंबित मकानों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने तथा डिफॉल्ट मामलों में राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि अब तक 60,253 मकान पूरे हो चुके हैं, जबकि 1,928 मकान अभी लंबित हैं।

सीडी एवं पंचायत (चल रहे कार्य) श्रेणी के अंतर्गत 76 प्रतिशत व्यय हो चुका है। निदेशक ने सभी अटके हुए कार्यों को पुनः शुरू कर फरवरी के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं सीडी एवं पंचायत (नए कार्य) श्रेणी के तहत स्वीकृत 98 कार्यों में से 10 कार्य अभी निविदा प्रक्रिया में लंबित हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित बीडीओ को दिए गए।

बैठक के अंत में निदेशक शहनाज़ अख्तर ने सभी अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से आपसी तालमेल, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपील की, ताकि ग्रामीण जनता को योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिल सके। बैठक का समापन ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी, समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन के संकल्प के साथ हुआ।

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