Jammu–Kashmir में टूरिज़्म पर बड़ा संकट, कारोबारियों की बढ़ी चिंता

Edited By VANSH Sharma, Updated: 30 Nov, 2025 03:27 PM

major crisis on tourism in j k increased concern of businessmen

नवंबर बिना बर्फबारी के खत्म होने से कश्मीर का पर्यटन कारोबार एक बार फिर चिंता में है।

जम्मू-कश्मीर डेस्क: नवंबर बिना बर्फबारी के खत्म होने से कश्मीर का पर्यटन कारोबार एक बार फिर चिंता में है। पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि दिसंबर के पहले पखवाड़े में अच्छी और समय पर बर्फबारी ही सीज़न को बचा सकती है।

अप्रैल 22 को पहलगाम के बैसारन में हुए आतंकी हमले में 25 पर्यटकों की मौत के बाद टूरिज़्म पर बड़ा असर पड़ा था। अक्टूबर में कुछ सुधार दिखा, लेकिन हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट के बाद नवंबर–दिसंबर की बुकिंग्स में फिर भारी कैंसिलेशन होने लगे।

गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग के होटल कारोबारी, गाइड, पोनीवाले और ट्रांसपोर्टर साल के आखिर में आने वाले पर्यटकों पर निर्भर रहते हैं। एक होटलियर के मुताबिक कि अगर जल्दी बर्फ गिरी तो पर्यटक लौट आएंगे, वरना पूरा विंटर सीज़न प्रभावित हो सकता है।

कोविड-19 और 2019 की पाबंदियों के लंबे झटकों से उभरकर कश्मीर ने 2022 में रिकार्ड पर्यटन देखा था, लेकिन इस साल हालात फिर मुश्किल बने हुए हैं। होटल ऑक्यूपेंसी गिर गई है और स्कीइंग-विंटर स्पोर्ट्स की बुकिंग लगभग न के बराबर है।

पर्यटन विभाग का कहना है कि गुलमर्ग की बर्फ़ीली तस्वीरें ही कश्मीर का सबसे बड़ा प्रचार होती हैं। घाटी के शिकारों से लेकर टैक्सी ड्राइवरों तक सभी की आशा अब सिर्फ दिसंबर की बर्फबारी पर टिकी है। यदि जल्द बर्फ नहीं गिरी, तो कश्मीर की सर्दियों की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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