Edited By Sunita sarangal, Updated: 04 Nov, 2026 11:39 AM

जानकारी के अनुसार उक्त मामला एक शिकायत के बाद सामने आया था।
जम्मू(रितेश): क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ई.ओ.डब्ल्यू.) जम्मू ने फर्जी तरीके से स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (पी.आर.सी.) हासिल करने के मामले में 4 आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एंटी करप्शन कोर्ट जम्मू की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला एफ.आई.आर. नंबर 11/2013 के तहत दर्ज किया गया था। मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने तथा आपराधिक साजिश की धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार उक्त मामला एक शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सियालकोट के मूल निवासी और वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी रहे लखन सिंह ने पंजाब से जम्मू आने के बाद अपने और अपने परिवार के लिए फर्जी तरीके से पी.आर.सी. हासिल किए। आरोप है कि इसके लिए जनगणना रिकॉर्ड और परिवार की वंशावली से जुड़ी जानकारी में हेरफेर किया गया और राजस्व विभाग के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से इन दस्तावेजों को तैयार करवाया गया।
डी.एस.पी. फैसल आरिफ रिशू के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने पाया कि फर्जी तरीके से हासिल किए गए पी.आर.सी. का इस्तेमाल लखन सिंह के बेटों ने भी किया। जांच के अनुसार उसके बेटे प्रेम सिंह ने इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एस्टेट्स विभाग में सरकारी नौकरी हासिल की, जबकि दूसरे बेटे प्रभाकर सिंह ने इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ा और दो बार सरपंच के पद पर रहा।
जांच में यह भी सामने आया कि मामले के आरोपी लखन सिंह, जो पी.डी.डी विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी था उसकी मौत हो चुकी है। उस समय जम्मू के तहसीलदार रहे सतपाल गुप्ता की भी अब मौत हो चुकी है। वहीं जांच में जीवित आरोपी प्रेम सिंह, जो एस्टेट्स विभाग से सेवानिवृत्त है, और प्रभाकर सिंह, जो पूर्व सरपंच है उसकी आपराधिक संलिप्तता सामने आई।
क्राइम ब्रांच ने मामले में सभी 4 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है और अब मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई होगी।
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