कश्मीर में बढ़ी ठंड, तेज हवाओं और बारिश-बर्फबारी को लेकर चेतावनी

Edited By Vatika, Updated: 31 Mar, 2026 12:02 PM

cold intensifies in kashmir

कश्मीर घाटी में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। गुरेज और तुलेल समेत ऊंचाई वाले...

श्रीनगर(मीर आफताब): कश्मीर घाटी में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। गुरेज और तुलेल समेत ऊंचाई वाले इलाकों में ताज़ा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई है। खराब मौसम के कारण आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

जानकारी के मुताबिक उत्तरी और मध्य कश्मीर के ऊपरी इलाकों में मध्यम बर्फबारी हो रही है, वहीं मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश का दौर जारी है। इस बीच बांदीपोरा-गुरेज सड़क पर, खासकर राजदान टॉप के पास भूस्खलन और बर्फ जमने से आवाजाही प्रभावित हुई है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर में मौसम की यह अस्थिर स्थिति 10 अप्रैल तक बनी रह सकती है। विभाग ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी, गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी के दौर देखने को मिल सकते हैं। वहीं 3 और 4 अप्रैल को आमतौर पर बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। 5 से 7 अप्रैल के दौरान मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है, जबकि 8 से 10 अप्रैल के बीच फिर से कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। गांदरबल, अनंतनाग और कुपवाड़ा जिलों के प्रशासन ने हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। वहीं किसानों को सलाह दी गई है कि वे 1 अप्रैल तक अपनी कृषि गतिविधियां रोक दें और मौसम अनुकूल होने पर 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच सीमित कार्य शुरू कर सकते हैं।

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