Edited By Neetu Bala, Updated: 05 Feb, 2026 11:28 AM

जम्मू-कश्मीर की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर मानव संसाधन संकट से जूझ रही है।
जम्मू (उदय) : जम्मू-कश्मीर की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर मानव संसाधन संकट से जूझ रही है। स्वास्थ्य संस्थानों और सरकारी मैडीकल कॉलेजों में लगभग 10 हजार पद रिक्त हैं। यह जानकारी विधानसभा में नव-निर्वाचित बडगाम विधायक आगा मुन्तजिर मेहदी द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी गई।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने विधानसभा को बताया कि बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, हालांकि सरकार सभी स्वीकृत पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी ला रही है। विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, GMC जम्मू में 538 गजेटेड और 904 नॉन-गजेटेड पद रिक्त हैं जबकि GMC श्रीनगर में 434 गजेटेड और 174 नॉन-गजेटेड पद खाली हैं।
इसी तरह GMC बारामुला में 1,304 स्वीकृत पदों के मुकाबले 431 पद, GMC अनंतनाग में 1,098 स्वीकृत पदों में से 424 पद, GMC राजौरी में 125 फैकल्टी पद और जी.एम.सी. उधमपुर में 799 स्वीकृत पदों में से 668 पद रिक्त हैं। इसके अलावा, परिवार कल्याण विभाग में 2,276 स्वीकृत पदों के मुकाबले 573 पद खाली हैं।
ग्रामीण कश्मीर में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले निदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं कश्मीर में 388 गजेटेड और 2,797 नॉन-गजेटेड पद रिक्त हैं, जिससे प्राथमिक और द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इसी तरह निदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू में भी 1,489 पद रिक्त हैं। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने कहा कि इन पदों को भरने से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि इससे केंद्र शासित प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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