Edited By Neetu Bala, Updated: 18 May, 2026 08:15 PM

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि एकल शिक्षक विद्यालयों की समस्या ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलती है।
जम्मू (विक्की): जम्मू-कश्मीर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों के बीच प्रदेश के कई स्कूल अब भी केवल एक शिक्षक के सहारे संचालित हो रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय की यू-डाइस प्लस 2024-25 रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि केंद्र शासित प्रदेश में 1,371 स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक उपलब्ध है। रिपोर्ट के अनुसार इन एकल शिक्षक विद्यालयों में कुल 32,303 विद्यार्थी नामांकित हैं। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के हजारों छात्र ऐसे स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं जहां एक ही शिक्षक को शिक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक शिक्षक वाले स्कूलों में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही शिक्षक द्वारा पढ़ाना पड़ता है, जिससे शिक्षण गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कई मामलों में रिकॉर्ड प्रबंधन, मिड-डे मील निगरानी और अन्य प्रशासनिक कार्य भी उसी शिक्षक के जिम्मे होते हैं।
यू-डाइस प्लस रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़े सरकारी, निजी और अन्य प्रबंधन श्रेणी के सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को मिलाकर तैयार किए गए हैं। हालांकि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि एकल शिक्षक विद्यालयों की समस्या ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलती है।
जम्मू-कश्मीर में शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रयास जारी : शिक्षा विशेषज्ञ
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत शिक्षण व्यवस्था बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता विकसित करने के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यू-डाइस प्लस 2024-25 रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि जम्मू-कश्मीर में शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रयास जारी हैं, लेकिन शिक्षकों की उपलब्धता और स्कूलों में मानव संसाधन को लेकर अभी भी व्यापक स्तर पर काम किए जाने की आवश्यकता बनी हुई है।
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