Edited By Neetu Bala, Updated: 24 Jun, 2026 08:07 PM

लगातार जारी यह ऑप्रेशन अब राजौरी-पुंछ क्षेत्र के इतिहास में किसी एक स्थान पर संचालित सबसे लंबे आतंकवाद विरोधी अभियानों में दर्ज किया जा रहा है।
राजौरी (शिवम) : राजौरी जिले के मंजाकोट उपमंडल के गंभीर मुगलां स्थित डोरी माल के घने जंगलों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाया जा रहा आतंकवाद विरोधी अभियान बुधवार को 33वें दिन में पहुंच गया। लगातार जारी यह ऑप्रेशन अब राजौरी-पुंछ क्षेत्र के इतिहास में किसी एक स्थान पर संचालित सबसे लंबे आतंकवाद विरोधी अभियानों में दर्ज किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 23 मई को प्राप्त विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने डोरी माल क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। अभियान के शुरुआती चरण में सुरक्षा बलों का संदिग्ध आतंकियों से संपर्क होने के बाद पूरे इलाके में व्यापक स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया, जो तब से लगातार जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि डोरी माल और उससे सटे इलाके घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और गहरी खाइयों से घिरे हुए हैं। दुर्गम भूभाग और कठिन मौसमीय परिस्थितियां अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। इसी कारण आतंकियों के लिए स्थान बदलना और छिपे रहना आसान हो जाता है, जिससे ऑप्रेशन की अवधि बढ़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अभियान में सेना की विशेष इकाइयों के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के जवान भी सक्रिय रूप से शामिल हैं। क्षेत्र में ड्रोन, आधुनिक निगरानी उपकरणों और तकनीकी सर्विलांस संसाधनों की मदद से लगातार निगरानी रखी जा रही है। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी अलग-अलग सैक्टरों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल आतंकियों का पता लगाना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को किसी भी संभावित खतरे से मुक्त करना भी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जब तक क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक ऑप्रेशन जारी रहेगा।
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