J&K में आतंकियों पर बड़ा वार: घाटी में भारी संख्या में जवान तैनात, पहलगाम हमले के बाद...

Edited By VANSH Sharma, Updated: 23 Mar, 2026 05:35 PM

massive security deployment in jammu  kashmir to curb terror infiltration

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में आतंकियों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा कदम उठाया है।

जम्मू (तनवीर सिंह): जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में आतंकियों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा कदम उठाया है। आतंकवाद पर काबू पाने के लिए 350 स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के जवान तैनात किए जा रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए BSF की 7 अतिरिक्त बटालियन भेजी गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, इन SOG जवानों ने आंध्र प्रदेश के घने जंगलों में सेना की एलीट यूनिट्स के साथ विशेष प्रशिक्षण लिया है। इन्हें जम्मू-कश्मीर के बर्फीले पहाड़ों, दुर्गम इलाकों और जंगलों में छिपे आतंकियों तथा उनके नेटवर्क को खत्म करने के लिए तैनात किया जा रहा है।

घुसपैठ रोकने के लिए सख्त सुरक्षा

गर्मी का मौसम शुरू होते ही अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ की आशंका बढ़ जाती है। खुफिया जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान आतंकियों को जम्मू क्षेत्र में भेजने की कोशिश कर रहा है और कई आतंकी सीमा के पास लॉन्च पैड्स पर मौजूद हैं। ऐसे में BSF की सात बटालियन तैनात कर सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि कुछ बटालियन मौके पर पहुंच चुकी हैं, जबकि बाकी जल्द तैनात कर दी जाएंगी, जिससे घुसपैठ को पूरी तरह रोका जा सके।

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ प्रशिक्षण

SOG जवानों का विशेष प्रशिक्षण 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद निर्णय लिया गया कि जवानों को जंगल और पहाड़ी युद्ध का विशेष प्रशिक्षण देकर संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, आगे भी ऐसे प्रशिक्षण लगातार जारी रहेंगे और जरूरत के अनुसार और जवानों को तैयार किया जाएगा।

दो विशेष यूनिट बनाई गईं

सूत्रों के मुताबिक SOG में बदलाव करते हुए दो विशेष यूनिट बनाई गई हैं—

  • एक यूनिट को ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों में ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है।
  • दूसरी यूनिट को जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।

स्थानीय पुलिस होने के कारण SOG जवानों को इलाके की भौगोलिक जानकारी होती है, जिससे आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन अधिक प्रभावी बनेंगे।

आतंकवाद विरोधी अभियान जारी

सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं। हाल ही में किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को मार गिराया गया था, जिनमें उनका कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था।

सूत्रों के अनुसार, डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर, कठुआ, राजौरी और पुंछ के ऊपरी इलाकों में कुछ विदेशी आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली है, जिनमें अधिकतर पाकिस्तान से जुड़े बताए जा रहे हैं।

गृह मंत्री की बैठक में लिया गया फैसला

5 से 7 फरवरी के बीच गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू दौरे के दौरान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई थी। इस बैठक में अर्धसैनिक बल, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसी बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा को मजबूत करने के लिए BSF की 7 अतिरिक्त बटालियन तैनात करने का फैसला लिया गया था, जिसे अब लागू कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जा रहा है, ताकि आतंकियों की घुसपैठ को हर हाल में रोका जा सके और जम्मू-कश्मीर में शांति कायम रखी जा सके। 

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