Edited By VANSH Sharma, Updated: 13 Jan, 2026 04:45 PM
आतंकी इकोसिस्टम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकवादी संगठनों से संबंध रखने के आरोप में पांच सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
श्रीनगर (मीर आफताब): आतंकी इकोसिस्टम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकवादी संगठनों से संबंध रखने के आरोप में पांच सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में की गई, जिसे केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
सरकार द्वारा बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में एक सरकारी शिक्षक, एक लैब टेक्नीशियन, एक असिस्टेंट लाइनमैन, वन विभाग का एक फील्ड वर्कर और स्वास्थ्य विभाग का एक ड्राइवर शामिल हैं।
सरकारी शिक्षक LeT के लिए कर रहा था काम
जानकारी के अनुसार, सरकारी शिक्षक मोहम्मद इश्तियाक की नियुक्ति पहले रेहबर-ए-तालीम के तहत हुई थी और वर्ष 2013 में वह नियमित शिक्षक बना। जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए काम कर रहा था और LeT कमांडर मोहम्मद अमीन उर्फ अबू खुबैब के संपर्क में था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इश्तियाक को वर्ष 2022 में डोडा में एक पुलिस अधिकारी की हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, योजना को अंजाम देने से पहले ही उसे अप्रैल 2022 में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह शिक्षक के पद का दुरुपयोग कर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहा था।
लैब टेक्नीशियन ने आतंकवादी को पाकिस्तान भगाने में की मदद
अनंतनाग के सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में तैनात लैब टेक्नीशियन तारिक अहमद राह पर हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (HM) से संबंध रखने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, उसने अपने चाचा अमीन बाबा, जो HM का पूर्व कमांडर था, को पाकिस्तान भागने में मदद की।
हालांकि उसे UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत मिल गई थी, लेकिन खुफिया इनपुट्स के मुताबिक वह दोबारा आतंकी गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
असिस्टेंट लाइनमैन बना LeT का ओवरग्राउंड वर्कर
PHE विभाग में कार्यरत असिस्टेंट लाइनमैन बशीर अहमद मीर पर गुरेज क्षेत्र में LeT के ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम करने का आरोप है। वर्ष 2021 में उसके घर पर हुए एक ऑपरेशन में दो आतंकी मारे गए थे और हथियार बरामद किए गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कर्मचारी होते हुए दुश्मन ताकतों की मदद करना देश की संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है।
वन विभाग के कर्मचारी के पूर्व विधायक से जुड़े आतंकी लिंक
वन विभाग के फील्ड वर्कर फारूक अहमद भट पर HM को सक्रिय समर्थन देने और एक पूर्व विधायक के साथ मिलकर आतंकियों की मदद करने के आरोप हैं। जांच में सामने आया कि उसने सरकारी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर चेकपॉइंट्स पार कराए और आतंकियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंचाया।
स्वास्थ्य विभाग का ड्राइवर हथियार और फंड पहुंचा रहा था
स्वास्थ्य विभाग में तैनात ड्राइवर मोहम्मद यूसुफ पर आतंकियों के लिए हथियार, फंड और लॉजिस्टिक्स पहुंचाने का आरोप है। जुलाई 2024 में उसकी गाड़ी से हथियार, ग्रेनेड और ₹5 लाख नकद बरामद किए गए थे। पूछताछ में पुष्टि हुई कि यह सामग्री एक आतंकी के लिए भेजी जा रही थी।
सरकार का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी तंत्र के भीतर छिपे आतंक समर्थकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और भविष्य में भी इस तरह की सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
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