'सुप्रीम कोर्ट' के फैसले के बाद वाहन चालकों पर कड़ा शिकंजा, होगा भारी जुर्माना व जेल

Edited By Neetu Bala, Updated: 06 Apr, 2026 05:04 PM

following the supreme court s verdict a tightening grip on traffic rules

यह बैन भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में है, जो 'अभय सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य' नाम के एक मामले में दिए गए थे।

श्रीनगर ( मीर आफताब ) :  जम्मू और कश्मीर ट्रैफिक पुलिस ने एक पब्लिक नोटिस जारी किया है, जिसमें पूरे केंद्र शासित प्रदेश में प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन की बात दोहराई गई है, और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

नोटिस के मुताबिक, यह बैन भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में है, जो 'अभय सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य' नाम के एक मामले में दिए गए थे; ये निर्देश सभी तरह के प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर रोक लगाते हैं।

विभाग ने बताया कि प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत एक अपराध है, और नियम तोड़ने वालों पर ₹10,000 तक का जुर्माना और छह महीने तक की जेल हो सकती है।

बैन किए गए उपकरणों में एयर प्रेशर हॉर्न, म्यूजिकल हॉर्न, रिवर्स हॉर्न, हूटर, तुरही और आवाज़ पैदा करने वाले दूसरे उपकरण शामिल हैं, जो केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR), 1989 के नियम 119 का उल्लंघन करते हुए तेज़ या परेशान करने वाली आवाज़ पैदा करते हैं।

ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों के मालिकों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे उपकरणों को तुरंत हटा दें, और चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता से भी अपील की गई है कि वे ध्वनि प्रदूषण को कम करने और जम्मू और कश्मीर को ध्वनि-नियमों का पालन करने वाला क्षेत्र बनाने में सहयोग करें।

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