Edited By Neetu Bala, Updated: 10 Apr, 2026 02:24 PM

अमरनाथ यात्रा के लिए 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा की अनुमति नहीं होगी।
जम्मू (प.स.) : अमरनाथ की वार्षिक यात्रा के लिए अग्रिम पंजीकरण देशभर में 554 बैंक शाखाओं में 15 अप्रैल से शुरू होगा और तीर्थयात्रियों के लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एस.ए.एस.बी.) ने एक विस्तृत चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा का पंजीकरण और परमिट जारी किया जाना 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगा जो प्रत्येक निर्दिष्ट बैंक शाखा में तीर्थयात्रा के हर मार्ग के लिए तय दैनिक कोटे के अधीन होगा।
तीर्थयात्रियों को 8 अप्रैल या उसके बाद किसी अधिकृत चिकित्सक या चिकित्सा संस्थान द्वारा जारी एक वैध अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जमा करना होगा, जिसके साथ उन्हें प्रति परमिट 150 रुपए का निर्धारित शुल्क भी देना होगा। बोर्ड ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए उसने 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत चिकित्सकों और संस्थानों की सूची जारी कर दी है। श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे पंजीकरण के दौरान अपने आधार और मोबाइल नंबर का सही विवरण प्रदान करना सुनिश्चित करें।
6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा की अनुमति नहीं होगी
दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के तीर्थयात्री ही पंजीकरण के लिए पात्र होंगे। वहीं, 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा की अनुमति नहीं होगी, भले ही उनके पास अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र हो। इसमें कहा गया है कि 2026 की यात्रा के लिए पंजीकरण आधार-आधारित बायोमेट्रिक 'ई-के.वाई.सी.' सत्यापन के जरिए किया जाएगा और परमिट श्राइन बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। दिशानिर्देशों के अनुसार, 'बायोमेट्रिक सत्यापन में किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में एक विकल्प के तौर पर वेबकैम से तस्वीर खींचकर डैटा एंट्री करने की व्यवस्था की गई है।'
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