J&K में पहली बार International Film Festival, देश-विदेश के बड़े नामों से सजेगी महफिल

Edited By Sunita sarangal, Updated: 07 Sep, 2026 12:08 PM

international film festival held in jammu kashmir

महोत्सव में पद्मश्री से सम्मानित निर्देशक-निर्माता और ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले के निर्देशक रमेश सिप्पी तथा जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रसिद्ध निर्देशक, निर्माता, पटकथा लेखक एवं संपादक विधु विनोद चोपड़ा विशेषातिथि के रूप में शामिल होंगे।

जम्मू/श्रीनगर(संजीव): जम्मू-कश्मीर में पहली बार आयोजित होने जा रहे इंटरनैशनल फिल्म फैस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर-2026 में देश-विदेश के नामी फिल्मकारों और सिनेमा से जुड़े विशेषज्ञों का जमावड़ा देखने को मिलेगा। महोत्सव के प्रतियोगिता वर्ग की फिल्मों के मूल्यांकन और पुरस्कारों के निर्णय के लिए प्रतिष्ठित ज्यूरी का गठन किया गया है।

ज्यूरी में प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर एवं फिल्मकार संतोष सिवन, जर्मन फिल्मकार व क्यूरेटर डोरोथी वेनर, जापानी मीडिया उद्यमी एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार कीको बैंग, चर्चित निर्देशक श्रीराम राघवन तथा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्मकार हिमांशु शेखर खटुआ शामिल हैं। सभी ज्यूरी सदस्य प्रतियोगिता वर्ग की सभी फिल्मों का मूल्यांकन कर महोत्सव के पुरस्कारों का फैसला करेंगे।

महोत्सव में पद्मश्री से सम्मानित निर्देशक-निर्माता और ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले के निर्देशक रमेश सिप्पी तथा जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रसिद्ध निर्देशक, निर्माता, पटकथा लेखक एवं संपादक विधु विनोद चोपड़ा विशेषातिथि के रूप में शामिल होंगे। चोपड़ा को 3 इडियट्स, पीके और मिशन कश्मीर जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।

संतोष सिवन भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित सिनेमैटोग्राफर, फिल्मकार, निर्माता और अभिनेता हैं। वे इंडियन सोसाइटी ऑफ सिनेमैटोग्राफर्स के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं और एशिया-प्रशांत क्षेत्र से अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिनेमैटोग्राफर्स की सदस्यता पाने वाले पहले सिनेमैटोग्राफर हैं। द टेररिस्ट सहित उनके कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। वर्ष 2024 में कान फिल्म फेस्टिवल में उन्हें पियरे एंजेनियू ट्रिब्यूट से सम्मानित किया गया।

डोरोथी वेनर जर्मनी की प्रसिद्ध फिल्मकार, क्यूरेटर, लेखिका और पत्रकार हैं। वे 1990 से बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से जुड़ी रही हैं और भारत तथा उप-सहारा अफ्रीका के लिए प्रोग्रामर व डेलीगेट के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने उभरते फिल्मकारों और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के बीच सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कीको बैंग जापान की मीडिया उद्यमी, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार, निर्माता और अंतरराष्ट्रीय क्यूरेटर हैं। तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने 50 से अधिक पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया है। वे एशिया में अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण और डॉक्यूमैंट्री सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं।

श्रीराम राघवन समकालीन हिंदी सिनेमा के प्रमुख निर्देशकों में गिने जाते हैं। एक हसीना थी, जॉनी गद्दार, एजैंट विनोद, बदलापुर और अंधाधुन जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। नियो-नॉयर शैली, सस्पैंस और प्रभावशाली कहानी कहने के लिए राघवन विशेष रूप से चर्चित हैं।

हिमांशु शेखर खटुआ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्मकार, निर्देशक, शिक्षक और पत्रकार हैं। एफ.टी.आई.आई., पुणे के पूर्व छात्र खटुआ ने शून्य स्वरूप और इशानु सहित कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया है। वे सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के निदेशक भी रह चुके हैं तथा कई प्रतिष्ठित फिल्म ज्यूरी का हिस्सा रहे हैं।

महोत्सव आयोजकों के अनुसार, ज्यूरी में शामिल विशेषज्ञों का अनुभव सिनेमैटोग्राफी, डॉक्यूमैंट्री निर्माण, फिल्म क्यूरेशन, निर्देशन, निर्माण, लेखन और फिल्म शिक्षा जैसे सिनेमा के विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है। इससे प्रतियोगिता में शामिल फिल्मों के मूल्यांकन को व्यापक और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण मिलने की उम्मीद है।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, जम्मू-कश्मीर द्वारा आयोजित पहला फिल्म फैस्टिवल 2026 जम्मू-कश्मीर में फिल्म संस्कृति को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। महोत्सव का उद्देश्य स्थापित और उभरते फिल्मकारों को एक मंच प्रदान करना तथा जम्मू-कश्मीर को देश-दुनिया के फिल्मकारों, कलाकारों और सिनेप्रेमियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

पहले संस्करण में प्रतिष्ठित ज्यूरी, विविध सिनेमाई कार्यक्रम और देश-विदेश के फिल्म समुदाय की भागीदारी के साथ जम्मू-कश्मीर की सिनेमाई यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है।

अंतर्राष्ट्रीय जम्मू-कश्मीर फिल्म महोत्सव 7 से 10 तक

दशकों तक कश्मीर की हसीन वादियां बॉलीवुड की कई सुपरहिट फिल्मों की पृष्ठभूमि बनती रहीं और अब पहली बार रविवार को यहां अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके जरिये कश्मीर की वादियां दुनिया भर के फिल्मकारों और सिनेमा प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचेंगी। 'रंग-ए-सिनेमा' विषय पर आधारित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय जम्मू-कश्मीर फिल्म महोत्सव (आई.एफ.एफ.जे.एंडके.) सोमवार से शुरू होगा, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह महोत्सव मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा शीतकालीन राजधानी जम्मू, प्रसिद्ध स्की रिजॉर्ट गुलमर्ग और शहर का इकलौता मल्टीप्लेक्स 'आइनॉक्स' भी इस ऐतिहासिक आयोजन के गवाह बनेंगे।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें इसमें स्थानीय सिनेमा की दमदार प्रस्तुतियों के साथ दुनिया के विभिन्न हिस्सों से चुनी गई फिल्मों को भी जगह दी गई है। इस आयोजन का सबसे भावुक और आकर्षक पहलू 'फ्लोटिंग सिनेमा' (पानी पर तैरता सिनेमाघर) है। डल झील में तैरते शिकारे पर बैठे दर्शक जब पानी की सतह पर बनी स्क्रीन पर फिल्में देखेंगे, तो यह दृश्य कला और प्रकृति के एक अनदेखे संगम जैसा होगा।

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