आतंकी लिंक का खुलासा, जम्मू-कश्मीर में 2 सरकारी कर्मियों पर गिरी गाज

Edited By Neetu Bala, Updated: 08 Apr, 2026 01:14 PM

terror links exposed two government employees in j k sacked

आतंकी संबंधों के आरोप में अब तक 90 से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।

श्रीनगर ( मीर आफताब )  :  जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाले प्रशासन ने अपनी 'ज़ीरो-टॉलरेंस' (बिल्कुल बर्दाश्त न करने की) नीति का हवाला देते हुए, आतंकी संबंधों के आरोप में दो और सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन कर्मचारियों को संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के तहत बर्खास्त किया गया है। इन पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों - लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिजबुल मुजाहिदीन - से कथित तौर पर जुड़े होने का आरोप है।

सूत्रों ने बताया कि इनमें से एक कर्मचारी, फरहत अली खांडे, जो रामबन में शिक्षा विभाग में क्लास-IV कर्मचारी था, हिजबुल मुजाहिदीन के लिए एक 'मुख्य मददगार' (key facilitator) के तौर पर काम करता पाया गया। उन्होंने कहा, "जांच में पता चला कि उसने अपनी सरकारी नौकरी की आड़ में आतंकी नेटवर्क को फिर से खड़ा करने, हवाला के ज़रिए पैसा पहुंचाने और आतंकी कैडरों को मज़बूत करने का काम किया; और यह सब उसने पहले के आतंकी मामलों में ज़मानत मिलने के बाद भी जारी रखा।"

उन्होंने आगे बताया कि दूसरा कर्मचारी, मोहम्मद शफी डार, जो बांदीपोरा का रहने वाला है और ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत था, LeT के एक 'सक्रिय आतंकी सहयोगी' के रूप में पहचाना गया है। "उसने आतंकियों को साजो-सामान (logistics), छिपने की सुरक्षित जगहें और खुफिया जानकारी मुहैया कराई; साथ ही अप्रैल 2025 में चलाए गए एक संयुक्त सुरक्षा अभियान के दौरान हथियारों की बरामदगी से जुड़े मामले में भी उसकी संलिप्तता पाई गई।"

सूत्रों के अनुसार, आतंकी संबंधों के आरोप में अब तक 90 से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।

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