Edited By Neetu Bala, Updated: 28 Sep, 2026 07:34 PM
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के किसी भी एजेंडे के लिए कोई जगह नहीं है।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के किसी भी एजेंडे के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग बना रहेगा।
श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि BJP राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव और 2024 के विशेष दर्जे वाले प्रस्ताव के ज़िक्र का विरोध करती है। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। यहाँ पाकिस्तान के किसी भी एजेंडे के लिए कोई जगह नहीं है।"
विपक्ष के नेता ने कहा कि अगर प्रस्ताव सिर्फ़ राज्य का दर्जा बहाल करने तक सीमित होता, तो BJP उसका समर्थन करती। उन्होंने कहा, "अगर मुख्यमंत्री सिर्फ़ राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव लाते हैं, तो हम उसका समर्थन करेंगे। राज्य का दर्जा बहाल करना BJP का एजेंडा है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ज़रूर होगा।"
उन्होंने 2000 और 2024 के प्रस्तावों के ज़िक्र पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इनसे जम्मू-कश्मीर की 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति से जुड़े मुद्दे उठते हैं। उन्होंने कहा, "प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने पेश किया था। अगर यह सिर्फ़ राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए होता, तो हम इसमें शामिल होते। लेकिन 2000 और 2024 के प्रस्तावों में किया गया ज़िक्र संविधान का उल्लंघन है।"
कांग्रेस के बारे में विपक्ष के नेता ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पार्टी की असलियत सामने आ गई है। उन्होंने पहले के विशेष संवैधानिक प्रावधानों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, "आज कांग्रेस की असलियत सामने आ गई है और उन्हें देश को जवाब देना होगा। क्या वे 1953 से पहले की स्थिति, अनुच्छेद 370 और 35A चाहते हैं? उन्हें जवाब देना चाहिए और उनके नेताओं को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ऐसे मुद्दों को फिर से उठाने की कोशिश कर रहे हैं जिनसे जम्मू-कश्मीर में शांति पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि विपक्ष हर चीज़ का विरोध करेगा। J&K एक संवेदनशील राज्य है और हमारे पड़ोसी हमेशा हालात का फ़ायदा उठाने और शांति भंग करने की कोशिश करते रहते हैं।"
उन्होंने कहा कि J&K में हालात शांतिपूर्ण हैं और राज्य का दर्जा बहाल करना अभी भी एक मुख्य मांग है। उन्होंने कहा, "आज हालात शांतिपूर्ण हैं और बस राज्य का दर्जा मिलना बाकी है। BJP राज्य का दर्जा देने की मांग का समर्थन करती है।"
विपक्ष के नेता ने स्पीकर की भी आलोचना की कि उन्होंने BJP की आपत्तियों के बावजूद प्रस्ताव पर चर्चा की इजाज़त दी और कहा कि उनकी पार्टी ने उन्हें हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है।
राज्य का दर्जा बहाल करने की समय-सीमा के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोई समय-सीमा तय नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "समय-सीमा तय करने वाले CM कौन होते हैं? राज्य का दर्जा दिया जाएगा और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। इस पर जल्दबाज़ी में चर्चा नहीं होनी चाहिए।"
शर्मा ने आगे कहा कि BJP इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ पूरे जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन करेगी और इसे 1953 से पहले के दौर से जुड़े मुद्दों को फिर से उठाने की कोशिश बताएगी।
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