Edited By Sunita sarangal, Updated: 18 Sep, 2026 12:58 PM

पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि अगर सरकार के पास कोई अधिकार नहीं है और वह सिर्फ सैलरी ले रही है तो उमर अब्दुल्ला के लिए बेहतर होगा कि वे फैसला लें और विधानसभा भंग कर दें ताकि सब लोग शांति से बैठ सकें।
श्रीनगर(मीर आफताब): जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और बीजेपी नेता सुनील शर्मा ने कहा कि अगर सरकार के पास फैसले लेने का अधिकार नहीं है, तो मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को विधानसभा भंग कर देनी चाहिए।
पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि अगर सरकार के पास कोई अधिकार नहीं है और वह सिर्फ सैलरी ले रही है तो उमर अब्दुल्ला के लिए बेहतर होगा कि वे फैसला लें और विधानसभा भंग कर दें ताकि सब लोग शांति से बैठ सकें।
शर्मा ने कहा कि अगर उन्हें चुनावों का इंतजार करना है, तो उमर अब्दुल्ला तब तक किसलिए आए हैं? क्या वे मजा करने आए हैं? क्या वे राजाओं की तरह रहने आए हैं? क्या वे बादशाहत चलाने आए हैं? वे लोगों को धोखा क्यों दे रहे हैं?
अनुच्छेद 370 पर शर्मा ने कहा कि यह फैसला संसद ने लिया था, न कि अकेले बीजेपी ने। उन्होंने कहा कि जिस दिन नेशनल कॉन्फ्रेंस संसद में 275 सीटें जीत ले, उस दिन उनसे इस बारे में बात करने को कहिएगा।
शर्मा ने कहा कि बीजेपी विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी और लोगों की चिंताएं उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के तौर पर लोगों की आवाज बनना हमारी जिम्मेदारी है क्योंकि सरकार सुन नहीं रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वोट मिलें या न मिलें, बीजेपी अपना काम करती रहेगी।
उन्होंने सरकार से बातचीत शुरू करने का आग्रह किया और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से अपील की कि अगर सरकार बातचीत के लिए तैयार हो जाए, तो वे अपनी हड़ताल वापस ले लें। वह दिहाड़ी मजदूरों से भी अपील करेंगे कि अगर सरकार बातचीत के लिए तैयार हो जाए, तो वे अपनी हड़ताल वापस ले लें। लेकिन कम से कम कोई पहल तो करें।
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