Edited By Sunita sarangal, Updated: 28 Apr, 2026 04:28 PM

चौहान ने जोर देकर कहा कि सबकी ग्रोथ के लिए रोड कनेक्टिविटी बहुत जरूरी है।
श्रीनगर(मीर आफताब): केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को SKICC श्रीनगर में PMGSY-IV (बैच-II) लॉन्च किया और कहा कि जम्मू और कश्मीर का इमोशनल और डेवलपमेंट के लिए खास महत्व है। वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए चौहान ने जोर देकर कहा कि सबकी ग्रोथ के लिए रोड कनेक्टिविटी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सड़कों के बिना डेवलपमेंट अधूरा रहता है और सही कनेक्टिविटी की कमी के कारण दूर-दराज के इलाकों में लगातार आने वाली चुनौतियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि PMGSY-IV (बैच-II) पूरे केंद्र शासित प्रदेश में रूरल एक्सेस और इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी बेहतर बनाएगा।
जम्मू और कश्मीर में लगभग 8,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर
चौहान ने कहा कि पिछले एक साल में, जम्मू और कश्मीर में अलग-अलग रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत लगभग 8,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि सभी गरीब परिवारों के लिए घर एक मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है। कोई भी योग्य परिवार बिना पक्के घर के नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स और महिलाओं के बीच ग्रामीण एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देकर महिला एम्पावरमेंट को मजबूत किया जाएगा।
खेती पर फोकस
खेती पर फोकस करते हुए चौहान ने कहा कि इस इलाके की छोटी और बिखरी हुई ज़मीनों के लिए किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए एक खास स्ट्रेटेजी की जरूरत है। सरकार एक इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम को बढ़ावा देगी, जिससे किसानों को खेती, बागवानी, मछली पालन, पशुधन और मधुमक्खी पालन को मिलाकर कई इनकम के सोर्स बनाने के लिए बढ़ावा मिलेगा।
बागवानी के लिए की गई यह प्लानिंग
बागवानी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले खराब क्वालिटी के प्लांटिंग मटीरियल, खासकर सेब और अखरोट की खेती के कारण प्रोडक्टिविटी पर असर पड़ा था। उन्होंने घोषणा की कि जम्मू और कश्मीर यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर एक क्लीन प्लांट प्रोग्राम शुरू किया जाएगा ताकि सर्टिफाइड, बीमारी-मुक्त प्लांटिंग मटीरियल तैयार किया जा सके। साथ ही लोकल लेवल पर अच्छी क्वालिटी के पौधे सप्लाई करने के लिए मॉडर्न नर्सरी बनाई जा सके।
जम्मू-कश्मीर आएगी Scientists की टीम
चौहान ने कहा कि ICAR के साइंटिस्ट्स की एक टीम को जम्मू और कश्मीर में एग्रो-क्लाइमेट कंडीशन, मिट्टी की हेल्थ, पानी के रिसोर्स और फसल की सूटेबिलिटी का असेसमेंट करने के लिए भेजा जाएगा। टीम लंबे समय तक प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और फसल डाइवर्सिफिकेशन के मकसद से खेती और बागवानी डेवलपमेंट के लिए एक साइंटिफिक रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन ग्रामीण बदलाव के एजेंडे को लागू करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं की क्षमता पर भी जोर दिया और कहा कि सही मौकों के साथ वे ग्लोबल लेवल पर अच्छा कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, सीनियर अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
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