Edited By Neetu Bala, Updated: 22 Aug, 2026 05:36 PM

संशोधित दरों के साथ, रेवेन्यू बढ़कर 7,854.94 करोड़ रुपये हो जाएगा और बाकी बचा 2,420.78 करोड़ रुपये का अंतर सरकारी ग्रांट-इन-एड (अनुदान) से पूरा किया जाएगा।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (JERC) ने 2026-27 के लिए जम्मू-कश्मीर में बिजली की दरों में औसतन 6.83% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। JERC के आदेश के अनुसार, यह बढ़ोतरी 1 सितंबर, 2026 से लागू होगी और उस तारीख से बिजली की खपत के लिए जारी बिलों पर नई दरें लागू होंगी।
रेगुलेटर ने कहा कि JPDCL और KPDCL ने अपने रेवेन्यू गैप (राजस्व की कमी) को पूरा करने के लिए दरों में बढ़ोतरी की मांग की थी। कमीशन को KPDCL और JPDCL से सभी श्रेणियों में 5% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव मिला था।
आदेश के अनुसार, जांच-पड़ताल के बाद दोनों DISCOMs की कुल सालाना रेवेन्यू जरूरत (ARR) 10,275.72 करोड़ रुपये है, जबकि मौजूदा दरों पर रेवेन्यू सिर्फ 7,352.87 करोड़ रुपए है, जिससे 2,922.85 करोड़ रुपए का अंतर (गैप) रह जाता है।
कमीशन ने कहा, "अगर इस पूरे अंतर को सिर्फ दरों में बढ़ोतरी से पूरा किया जाता, तो बढ़ोतरी लगभग 40% होती, जिससे उपभोक्ताओं को दरों में भारी बढ़ोतरी का झटका लगता।"
आदेश के अनुसार, कमीशन ने इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 65 के तहत सबसिडी के तौर पर जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा दी जाने वाली 2,420.78 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को भी ध्यान में रखा है।
संशोधित दरों के साथ, रेवेन्यू बढ़कर 7,854.94 करोड़ रुपये हो जाएगा और बाकी बचा 2,420.78 करोड़ रुपये का अंतर सरकारी ग्रांट-इन-एड (अनुदान) से पूरा किया जाएगा।
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