Edited By Neetu Bala, Updated: 26 Aug, 2026 04:14 PM

रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवनभर बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं।
अखनूर ( रोहित मिश्रा ) : भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष कब मनाया जाएगा और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? इन तमाम सवालों को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवनभर बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं।
रक्षाबंधन की तिथि, भद्रा काल और राखी बांधने के शुभ समय सहित पर्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जानने के लिए श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान, जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी महंत रोहित शास्त्री से विशेष बातचीत की गई। महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का विशेष धार्मिक महत्व है और राखी बांधने से पहले शुभ मुहूर्त तथा भद्रा काल का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और मजबूत करने वाला त्योहार है। इस दिन विधि-विधान से रक्षा सूत्र बांधने और पूजा-अर्चना करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
महंत रोहित शास्त्री के अनुसार रक्षा बंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुबह 10.45 से दोपहर 12.22 तक राहू काल रहेगा, इस दौरान बहनों को भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र नहीं बांधना चाहिए। चंद्र ग्रहण पर बात करते हुए पंडित जी ने कहा कि बेशक चंद्र ग्रहण इस दिन लगेगा, लेकिन यह भारत में नहीं दिखाई देगा और न ही मंदिरों के कपाट बंद किए जाएंगे, न ही गर्भवती महिलाओं को किसी विचार में पड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसका कोई महत्व नहीं है इसलिए हमें भ्रम में नहीं पड़ना चाहिए।
रक्षाबंधन की तिथि, राखी बांधने का सटीक शुभ मुहूर्त, भद्रा काल तथा पूजा-विधि की पूरी जानकारी के लिए पढ़िए विशेष बातचीत—महंत रोहित शास्त्री के साथ।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here
जम्मू-कश्मीर की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here