Edited By Neetu Bala, Updated: 26 Mar, 2026 04:02 PM

सदियों पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर को, जिसे आतंकवादी हिंसा के कारण भारी नुकसान पहुंचा था, जम्मू-कश्मीर प्रशासन के तहत बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार कार्य से गुजारा गया ताकि इसकी खोई हुई शान वापस लाई जा सके।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : श्रीनगर के फतेह कदल इलाके में स्थित ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर, जिसे 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन के दौरान बंद कर दिया गया था और जिसमें तोड़फोड़ की गई थी, आज 26 मार्च 2026 को राम नवमी के अवसर पर 36 साल बाद फिर से खुल गया है। सदियों पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर को, जिसे आतंकवादी हिंसा के कारण भारी नुकसान पहुंचा था, जम्मू-कश्मीर प्रशासन के तहत बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार कार्य से गुजारा गया ताकि इसकी खोई हुई शान वापस लाई जा सके।
फिर से खुलने के पहलू व महत्व
यह फिर से खुलना एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक क्षण है, क्योंकि 1990 के दशक की शुरुआत में इस मंदिर को जला दिया गया था और यह पूरी तरह से खंडहर में तबदील हो गया था।
जीर्णोद्धार के प्रयास
2019 में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद, इसके जीर्णोद्धार का काम पर्यटन विभाग को सौंपा गया था, जिसमें मंदिर परिसर और आसपास के झेलम घाटों का नवीनीकरण भी शामिल था।
ऐतिहासिक संदर्भ
मूल रूप से महाराजा गुलाब सिंह द्वारा लगभग 1835 में बनवाया गया और महाराजा रणबीर सिंह द्वारा 1860 में पूरा किया गया यह मंदिर, घाटी के सबसे पूजनीय मंदिरों में से एक है। यह जीर्णोद्धार कश्मीर घाटी में सांस्कृतिक विरासत स्थलों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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