Edited By Neetu Bala, Updated: 26 Aug, 2026 03:18 PM

श्रद्धालुओं ने हाथों में इस्लामी झंडे और बैनर थाम रखे थे। इस दौरान “मुबारक हो, मुबारक हो, सरकार की आमद मुबारक हो” के नारों से पूरा माहौल गूंजता रहा।
बारामूला ( रेज़वान मीर ) : ईद मिलाद-उन-नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को खानपोरा स्थित हज़रत सैयद जनबाज़ वली (रहमतुल्लाह अलैह) की दरगाह से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जो विभिन्न रास्तों से गुजरता हुआ दरगाह-ए-आलिया शेर-ए-खास बारामूला पहुंचकर संपन्न हुआ।
जुलूस में बारामूला तथा आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में लोगों ने धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ शिरकत की। श्रद्धालुओं ने हाथों में इस्लामी झंडे और बैनर थाम रखे थे। इस दौरान “मुबारक हो, मुबारक हो, सरकार की आमद मुबारक हो” के नारों से पूरा माहौल गूंजता रहा।
ईद मिलाद-उन-नबी के इस पवित्र अवसर पर बारामूला में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिली। सिख समुदाय के लोगों ने जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पानी और जूस का इंतजाम कर रखा था। इस पहल को लोगों ने आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की शानदार मिसाल बताया।
इसके अलावा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से भी जुलूस में शामिल लोगों के लिए पानी और जूस वितरित किया गया। स्थानीय लोगों ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सद्भाव को और मजबूत करती है।
जुलूस के दौरान दरूद-ओ-सलाम और धार्मिक नारों से वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा। जुलूस दरगाह-ए-आलिया शेर-ए-खास पहुंचने के बाद संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नमाज़-ए-ज़ुहर अदा की।
इस अवसर पर लोगों ने अमन, शांति, आपसी भाईचारे और क्षेत्र की खुशहाली के लिए विशेष दुआएं कीं। ईद मिलाद-उन-नबी का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ बारामूला की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सद्भाव की भी खूबसूरत तस्वीर पेश करता नजर आया।

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