Edited By Sunita sarangal, Updated: 08 Jun, 2026 01:01 PM

परिजनों के अनुसार, महिला की डिलीवरी करीब तीन दिन पहले जी.एम.सी. राजौरी में हुई थी।
राजौरी(शिवम): सरकारी मेडिकल कॉलेज (जी.एम.सी.) राजौरी में डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत के मामले में अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मृतका की पहचान नुसरत जहां निवासी कोटरंका के रूप में हुई है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, महिला की डिलीवरी करीब तीन दिन पहले जी.एम.सी. राजौरी में हुई थी। उनका आरोप है कि डिलीवरी के बाद लगाए गए एक इंजेक्शन के पश्चात महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर उसे आई.सी.यू. में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, जहां पिछले दो दिनों से उसका उपचार चल रहा था। सोमवार सुबह उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नई जांच समिति का गठन किया है। जी.एम.सी. राजौरी के प्रिंसिपल डॉ. ए.एस. भाटिया ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही जांच पूरी होने तक दो स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी चिकित्सीय और प्रशासनिक पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महिला की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप परिजनों द्वारा लगाया गया है। महिला की तबीयत बिगड़ने और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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