Edited By Neetu Bala, Updated: 11 Jun, 2026 05:43 PM

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। खुफिया इनपुट में यात्रा को लिक्विड बम और ड्रोन हमलों से संभावित खतरे की आशंका जताई गई है, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर में अभूतपूर्व और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, अनधिकृत UAV, ड्रोन और गुब्बारों की गतिविधियों को रोकने के लिए यात्रा मार्गों और आसपास के क्षेत्रों को सख्त "नो-फ्लाई ज़ोन" घोषित किया गया है। वहीं, तीर्थयात्रियों और उनके वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए RFID टैग अनिवार्य किए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
यात्रा की सुरक्षा के लिए CRPF, ITBP और जम्मू-कश्मीर पुलिस के 50,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। ये जवान संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी, एंटी-सैबोटाज जांच और काफिलों की सुरक्षा में जुटे हुए हैं।
इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर चलने वाले तीर्थयात्रियों के काफिलों के साथ बुलेटप्रूफ "मार्क्समैन" वाहन, जैमर और क्विक एक्शन टीमें (QAT) भी तैनात की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं तथा किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।
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