GMC राजौरी में प्रसव के दौरान मौ*त का मामला... अस्पताल पर लगे गम्भीर आरोप

Edited By Neetu Bala, Updated: 07 Sep, 2026 07:58 PM

case of death during childbirth at gmc rajouri

घटना के बाद जीएमसी की कार्यप्रणाली और गायनी वार्ड में भर्ती मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

राजौरी (शिवम बक्शी) :  राजकीय मेडिकल कॉलेज राजौरी में प्रसव के लिए भर्ती महिला सुषमा देवी पत्नी रघुबीर सिंह, निवासी मम्मनकोट, जिला रियासी से जुड़े मामले में गंभीर आरोप सामने आए हैं। सुषमा देवी को 4 सितंबर को GMC राजौरी के गायनी वार्ड में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद एक नर्स और एक आशा वर्कर कथित तौर पर महिला और परिजनों को बहला-फुसलाकर अस्पताल की निर्धारित व्यवस्था से अलग एक निजी कमरे में ले गईं, जहां प्रसव कराने का प्रयास किया गया।

परिजनों के अनुसार, निजी कमरे में प्रसव के प्रयास के दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही। इसी दौरान नवजात की मौत हो गई। वहीं, सुषमा देवी की हालत भी गंभीर बनी हुई है और वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। उसका उपचार जीएमसी राजौरी में जारी है।

घटना के बाद जीएमसी की कार्यप्रणाली और गायनी वार्ड में भर्ती मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में भर्ती महिला को गायनी वार्ड से निजी कमरे में ले जाने और वहां प्रसव कराने की कोशिश की परिस्थितियों की गहन जांच होनी चाहिए।

परिजनों की ओर से मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। परिजनों ने दावा किया है कि मामले में कथित रूप से शामिल कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए लोगों या अब तक की गई कार्रवाई को लेकर फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, संबंधित पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजौरी डॉ. एम.एल. राणा से जब बात की गई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही और बताया कि कथित रूप से शामिल आशा वर्कर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. राणा के अनुसार, आशा वर्कर को जल्द ही टर्मिनेट कर दिया जाएगा।

GMC राजौरी के मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ. शमीम अहमद ने भी मामले की जांच किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की छानबीन के लिए एक टीम गठित की गई है, जो घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी या मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डॉ. शमीम अहमद ने यह भी कहा कि फिलहाल पुलिस की ओर से उन्हें इस मामले में कोई आधिकारिक रिपोर्ट या विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

मामले में यह भी जांच का विषय है कि मरीज को गायनी वार्ड से निजी कमरे में किसके निर्देश पर ले जाया गया और वहां प्रसव कराने का प्रयास किन परिस्थितियों में किया गया। साथ ही यह पता लगाया जाना जरूरी है कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी किसी चिकित्सक को थी या नहीं और क्या किसी अन्य कर्मचारी की भी इसमें भूमिका थी।

यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, ड्यूटी में कोताही, मरीज के साथ दुर्व्यवहार अथवा सेवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की मांग उठ रही है।

नवजात की मौत और महिला की गंभीर हालत ने GMC राजौरी में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अब पुलिस जांच के साथ-साथ GMC द्वारा गठित टीम की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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