Edited By Neetu Bala, Updated: 13 Jun, 2026 07:12 PM

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि शिकायत निवारण तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है तथा अस्पतालों को अपील का उचित अवसर नहीं मिल पा रहा।
जम्मू ( तनवीर ) : जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड डायलिसिस सेंटर्स एसोसिएशन ने आयुष्मान भारत-सेहत योजना का लाभ 1 जुलाई से मरीजों को नहीं देने का ऐलान किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि योजना के तहत निजी अस्पतालों की भागीदारी लगातार घट रही है। वर्ष 2022-23 में जहां निजी अस्पतालों का योगदान लगभग 60 प्रतिशत था, वहीं अब यह घटकर करीब 20 प्रतिशत रह गया है।
आरोप लगाया गया कि सरकार द्वारा कुछ सामान्य प्रक्रियाओं को सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित करने, भुगतान में देरी, मनमानी कटौतियों और दावों की अस्वीकृति जैसी समस्याओं के कारण निजी अस्पतालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि शिकायत निवारण तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है तथा अस्पतालों को अपील का उचित अवसर नहीं मिल पा रहा।
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने, तय समयसीमा के अनुसार भुगतान करने और निजी अस्पतालों के लिए अलग प्रोसेसिंग एवं भुगतान व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो इसका असर 1 जुलाई से आयुष्मान भारत-सेहत योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। त्रिवेणी नर्सिंग होम गांधी नगर के प्रशासक के.के. शर्मा का कहना है कि सरकार लंबे समय से लंबित बकाया जारी नहीं कर रही हैं। इस वजह से कठोर कदम उठाना पड़ रहा हैं।
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