Jammu में पशुपालकों के लिए खतरे की घंटी, प्रशासन ने जारी की Advisory

Edited By Neetu Bala, Updated: 17 Jan, 2026 08:18 PM

a warning bell for livestock farmers in jammu

गर्भवती पशुओं में गर्भपात और छोटे पशुओं की मृत्यु का खतरा भी बना रहता है।

जम्मू  (विक्की) : पशुपालन विभाग ने पशुओं में फैलने वाली पैर और मुंह की बीमारी को लेकर पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने बताया कि यह एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। विभाग के अनुसार यह बीमारी गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर को प्रभावित करती है। इस बीमारी में पशुओं को तेज बुखार, भूख न लगना, सुस्ती, मुंह, नाक, थनों और पैरों (खुरों) में छाले पड़ना, अधिक लार गिरना, लंगड़ापन और थनों में सूजन जैसी समस्याएं हो जाती हैं। गर्भवती पशुओं में गर्भपात और छोटे पशुओं की मृत्यु का खतरा भी बना रहता है।

रोग की आशंका होने पर पशुपालकों को तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा अधिकारी या अस्पताल को सूचना देने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग रखा जाए। संक्रमित पशुशालाओं, उपकरणों और आसपास के स्थानों की उचित कीटाणुनाशक से नियमित सफाई करने की सलाह दी गई है।

इस बीमारी का इलाज केवल लक्षणों के आधार पर किया जाता है, इसलिए पशुपालक स्वयं उपचार न करें और तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। मरे हुए पशुओं और संक्रमित चारे-भूसे का निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित निपटान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

रोग की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पैर और मुंह की बीमारी का फेज-7 टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान 2 जनवरी से प्रारंभ हुआ है और 45 दिनों तक चलेगा। इसके तहत जम्मू प्रांत के सभी जिलों में गाय और भैंसों का मुफ्त टीकाकरण किया जा रहा है।

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