Edited By Neetu Bala, Updated: 20 Jun, 2026 03:23 PM

NHM के प्रोग्राम मैनेजर डॉ. आसिफ चौधरी और NHM के असिस्टेंट प्रोग्राम मैनेजर श्री जुनैद ज़ारू ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हुए और प्रतिभागियों से बातचीत की।
टंगमर्ग ( मीर आफताब ) : आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा की तैयारी के सिलसिले में, '108 जम्मू-कश्मीर इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज' के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन्स (EMTs) के लिए 'रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, धोबीवन' में 'प्री-हॉस्पिटल ट्रॉमा केयर और मैनेजमेंट' पर दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया।
इस ट्रेनिंग का मकसद EMTs की जानकारी और स्किल्स को बेहतर बनाना और यात्रा के दौरान उनकी तैनाती के लिए तैयारी को मजबूत करना था। सेशन में बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), ट्रॉमा मरीज की जांच और मैनेजमेंट, सांस से जुड़ी इमरजेंसी, पर्यावरण से जुड़ी इमरजेंसी, बड़े पैमाने पर दुर्घटना (mass casualty) की स्थिति में मैनेजमेंट, ट्राइएज (मरीज़ों की प्राथमिकता तय करना) और ऊंचाई वाली जगहों पर होने वाली बीमारी (high-altitude sickness) के मैनेजमेंट जैसे अहम विषयों को शामिल किया गया।
पहले दिन, NHM के प्रोग्राम मैनेजर डॉ. आसिफ चौधरी और NHM के असिस्टेंट प्रोग्राम मैनेजर श्री जुनैद ज़ारू ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हुए और प्रतिभागियों से बातचीत की।
ट्रेनिंग डॉ. अली शेख और डॉ. मीर आबिद ने दी, जिन्होंने प्रतिभागियों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और डेमो दिए। दूसरे दिन, 'डायरेक्टोरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज कश्मीर' में '108/102 सर्विसेज' के नोडल ऑफिसर इंजीनियर साजिद अमीन प्रोग्राम में शामिल हुए। उन्होंने 108 एम्बुलेंस सर्विसेज की अहम भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें हेल्थकेयर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की रीढ़ की हड्डी बताया। उन्होंने श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान असरदार प्री-हॉस्पिटल केयर और समय पर मेडिकल मदद सुनिश्चित करने के लिए लगातार स्किल्स को बेहतर बनाने और तैयारी रखने के महत्व पर ज़ोर दिया।
'108 जम्मू-कश्मीर इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज' के प्रोजेक्ट हेड मुश्ताक अहमद ने बताया कि हर साल यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को समय पर मेडिकल सर्विस देने के लिए चंदनवाड़ी और बालटाल रूट पर अलग-अलग जगहों पर 20 से 25 'एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट' और 'बेसिक लाइफ सपोर्ट' एम्बुलेंस रणनीतिक रूप से तैनात की जाती हैं।
प्रोग्राम का समापन प्रैक्टिकल डेमो, बातचीत वाले सेशन और प्रतिभागियों के मूल्यांकन के साथ हुआ। इससे SANJY 2026 के दौरान इमरजेंसी हेल्थकेयर सर्विस को मजबूत करने के प्रति '108 J&K इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज' की प्रतिबद्धता फिर से जाहिर हुई।

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