Edited By Neetu Bala, Updated: 23 Apr, 2026 05:29 PM

अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि जागरूकता, तैयारी और सामूहिक समन्वय ही प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया और जोखिम को कम करने की प्रक्रिया के मुख्य आधार हैं।
गांदरबल ( मीर आफताब ) : गांदरबल में आपदा से निपटने की तैयारियों में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जब जिला प्रशासन ने गांदरबल पुलिस के साथ मिलकर गुरुवार को सरकारी डिग्री कॉलेज (GDC) गांदरबल में बड़े पैमाने पर एक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का मकसद असल समय की आपातकालीन स्थितियों, जिसमें बिजली गुल होना और संकट के हालात शामिल हैं, का अनुभव कराना था। इसका उद्देश्य छात्रों, कर्मचारियों और आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना था। इस ड्रिल ने एक व्यावहारिक मंच प्रदान किया, जिससे यह समझने में मदद मिली कि कैसे समन्वित कार्रवाई और समय पर हस्तक्षेप करके अप्रत्याशित स्थितियों के दौरान जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
भाग लेने वालों को विभिन्न आपातकालीन प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया, संकट के समय संचार और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का प्रदर्शन किया गया। इस पहल ने संस्थागत और सामुदायिक, दोनों स्तरों पर तैयारियों के महत्व को उजागर किया।
इस अभ्यास में सिविल प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और ट्रैफिक पुलिस ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे एक सुव्यवस्थित और एकीकृत प्रतिक्रिया तंत्र देखने को मिला। उनके समन्वित प्रयासों ने एक लचीली और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली आपदा प्रबंधन प्रणाली बनाने के प्रति जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाया।
"जिला प्रशासन ने कहा कि लोगों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए ऐसी मॉक ड्रिल (अभ्यास) आगे भी जारी रहेंगी। अधिकारियों के मुताबिक, अगर हम जागरूक रहें, पहले से तैयारी रखें और मुसीबत के समय एक-दूसरे का साथ दें, तो किसी भी बड़े खतरे को टाल सकते हैं और अपनी जान बचा सकते हैं।"
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