Edited By Neetu Bala, Updated: 12 Mar, 2026 06:13 PM

यह ऑर्डर श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) ने चार्ज फ्रेम करने पर सुनवाई के दौरान पास किया।
श्रीनगर ( मीर आफताब ) : श्रीनगर की एक कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया है। कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) स्कैम केस में पर्सनल पेशी से छूट मांगने वाली उनकी अर्जी खारिज कर दी है। यह ऑर्डर श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) ने चार्ज फ्रेम करने पर सुनवाई के दौरान पास किया।
अब्दुल्ला कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए, और उनके वकील ने कार्रवाई में शामिल न हो पाने का हवाला देते हुए छूट मांगी। कोर्ट ने कहा कि डिफेंस ने वर्चुअल मोड से उनकी मौजूदगी पक्का करने के ऑप्शन को मना कर दिया और बाद में नॉन-बेलेबल वारंट जारी करने का ऑर्डर दिया। कोर्ट ने मामले को आगे की कार्रवाई के लिए 30 मार्च को लिस्ट किया है।
खास तौर पर, यह केस JKCA में अब्दुल्ला के प्रेसिडेंट रहने के दौरान कथित फाइनेंशियल गड़बड़ियों से जुड़ा है। जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद 2015 में जांच अपने हाथ में लेने वाली CBI ने 2018 में एक चार्जशीट फाइल की, जिसमें आरोप लगाया गया कि J&K में क्रिकेट डेवलपमेंट के लिए दिए गए ₹43 करोड़ से ज़्यादा के फंड का 2002 और 2011 के बीच गलत इस्तेमाल किया गया।
ये फंड BCCI द्वारा इलाके में क्रिकेट डेवलपमेंट के लिए जारी किए गए ₹100 करोड़ से ज़्यादा के ग्रांट का हिस्सा थे। अब्दुल्ला ने इन आरोपों से इनकार किया है और इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है।
यह घटना जम्मू में एक शादी समारोह में हुई फायरिंग की घटना के एक दिन बाद हुई है, जिसमें फारूक अब्दुल्ला शामिल हुए थे, जहां एक आदमी ने गोली चलाई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे काबू कर लिया। इस घटना की जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता बाल-बाल बच गए।
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