Edited By VANSH Sharma, Updated: 30 Aug, 2025 10:49 PM

जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। LoC (लाइन ऑफ कंट्रोल) पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान में दो आतंकियों को मार गिराया।
गुरेज़ (मीर आफताब): जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। LoC (लाइन ऑफ कंट्रोल) पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान में दो आतंकियों को मार गिराया। इनमें से एक की पहचान बागू खान उर्फ़ ‘समंदर चाचा’ के रूप में हुई है, जो पिछले दो दशकों से आतंकियों की घुसपैठ में मदद कर रहा था।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, 28 अगस्त को खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान दो घुसपैठिए मारे गए, जिनमें समंदर चाचा भी शामिल था। उसका असली नाम बागू खान था और वह पाकिस्तान के मुज़फ़्फ़राबाद का रहने वाला था।
1995 से 100 से ज़्यादा घुसपैठ की कोशिशों में शामिल
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, समंदर चाचा 1995 से अब तक 100 से अधिक घुसपैठ की कोशिशों में शामिल रहा। इलाके की भौगोलिक जानकारी और पहाड़ी रास्तों पर उसकी पकड़ के कारण वह आतंकियों के लिए बेहद अहम मददगार बन गया था। उसका काम आतंकियों को सीमा पार से भारत में सुरक्षित तरीके से घुसाने का था। मौसम और रास्तों की उसकी जानकारी की वजह से वह सुरक्षाबलों के लिए सालों तक पकड़ से बाहर रहा।
ऑपरेशन की तारीफ़
ऑपरेशन के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि समंदर चाचा की मौत से आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने चिनार कोर के जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने के लिए पूरी ताक़त और रणनीति के साथ काम करती रहेगी। मारे गए दूसरे आतंकी की पहचान की पुष्टि अभी बाकी है।
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