Edited By Sunita sarangal, Updated: 26 Feb, 2025 04:34 PM
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वहीं इस बारे में स्कूल शिक्षा विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि सच में यह आंकड़े काफी निराशाजनक हैं।
जम्मू डेस्क : जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को लेकर एक बहुत ही चौंका देने वाला खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की Knowledge (ज्ञान) को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट ने होश उड़ा देने वाला खुलासा किया है।
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जानकारी के अनुसार वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (ASER) की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकारी स्कूलों में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे दूसरी कक्षा के सवालों के जवाब भी नहीं दे पा रहे हैं। इतना ही नहीं आसान से मैथ के सवालों को हल करने में भी उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। ASER द्वारा जम्मू-कश्मीर के गांवों में एक सर्वे किया गया था जिसके दौरान पता चला कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8वीं कक्षा के करीब 52% छात्र दूसरी कक्षा की किताबें नहीं पढ़ सकते। इतना ही नहीं करीब 70% छात्र मैथ के डिवीजन के सवाल सॉल्व नहीं कर पाते। इन आंकड़ों ने सभी को हिला कर रख दिया है।
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ASER की इस रिपोर्ट से साफ जाहिर है कि जम्मू-कश्मीर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति क्या है। विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में शिक्षा की यह स्थिति खराब एजुकेशन सिस्टम के ठीक होने और नई नीतियों के लागू होने के बाद ही सुधर पाएगी।
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वहीं इस बारे में स्कूल शिक्षा विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि सच में यह आंकड़े काफी निराशाजनक हैं। ये चेतावनी दे रहे हैं कि सरकार को शिक्षा की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शिक्षा की ऐसी हालत सरकारों का बनना-टूटना, बार-बार हो रही हड़तालें, शिक्षा की ओर ध्यान कम देने के कारण है। अच्छी शिक्षा और अध्यापकों की कमी के चलते ऐसे हालात बन चुके हैं।
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साथ ही इस सर्वे में यह भी पता चला है कि 15-16 साल के बच्चे स्कूलों में कम जाते हैं जबकि 6-14 साल के बच्चों की स्कूलों में एडमिशन का लेवल काफी ज्यादा है।
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