Edited By Sunita sarangal, Updated: 01 Oct, 2026 12:05 PM
श्रीनगर में डल झील के पास पुलिस गोल्फ़ कोर्स में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आयोजित मैराथन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए, सिन्हा ने प्रतिभागियों को बधाई दी...
श्रीनगर(मीर आफताब): जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि 'रन फॉर यूनिटी' में 6,000 से ज़्यादा लोगों ने सिर्फ एक मैराथन में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि वे "भारत की आत्मा" और एक शांतिपूर्ण, एकजुट और प्रगतिशील जम्मू-कश्मीर के लिए दौड़े।
श्रीनगर में डल झील के पास पुलिस गोल्फ़ कोर्स में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आयोजित मैराथन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए, सिन्हा ने प्रतिभागियों को बधाई दी और युवाओं के उत्साह की तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवाओं की ज़बरदस्त ऊर्जा देखकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। वह सभी धावकों, प्रतिभागियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस को दिल से बधाई देना चाहता हैं।
सिन्हा ने कहा कि प्रतिभागियों ने अपनी भागीदारी के ज़रिए एक मज़बूत संदेश दिया है; उन्होंने इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और एकजुट जम्मू-कश्मीर के लिए उनके संकल्प की सामूहिक अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि सभी विजेताओं और प्रतिभागियों ने साबित कर दिया है कि उन्होंने भारत की आत्मा के लिए मैराथन में हिस्सा लिया है और वे ऐसे जम्मू-कश्मीर के लिए दौड़े हैं जो शांतिपूर्ण और एकजुट है और लगातार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि 'रन फॉर यूनिटी' सिर्फ धावकों की रफ़्तार के बारे में नहीं है, बल्कि उनके सामूहिक संकल्प की रफ़्तार के बारे में है। सिन्हा ने कहा कि रन फॉर यूनिटी सिर्फ़ हमारे पैरों की रफ़्तार नहीं है; यह हमारे संकल्प की रफ़्तार है। जब लोग साथ मिलकर चलते हैं, तो कोई भी मंज़िल नामुमकिन नहीं होती।
उपराज्यपाल ने एकता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि भारत की विविधता ही उसकी पहचान और ताकत का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमेशा याद रखें कि एकता ही सबसे बड़ी ताकत है। भारत की विविधता कभी हमारी कमज़ोरी नहीं रही, बल्कि यह भारत की सबसे बड़ी पहचान और सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा कि भारत की अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं, खान-पान और पहनावा एक साझा राष्ट्रीय भावना से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाषाएं अलग हैं, परंपराएं अलग हैं, खान-पान और पहनावा भी अलग है, लेकिन इन सभी अंतरों के बावजूद भारत हमारे दिलों में बसता है।
सिन्हा ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से बड़ी से बड़ी चुनौतियों से भी निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब लाखों कदम एक ही दिशा में बढ़ते हैं, तो सबसे बड़ी बाधा भी छोटी लगने लगती है। जब लाखों दिल एक मकसद के लिए एकजुट होते हैं, तो कोई भी पहाड़ इतना ऊंचा नहीं होता जिसे पार न किया जा सके।
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी भागीदारी भविष्य के लिए एक निवेश है और उनसे जम्मू-कश्मीर को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे सिर्फ़ अपने लिए नहीं दौड़े हैं; वे नई पीढ़ी और उन युवाओं के लिए दौड़े हैं जो जम्मू-कश्मीर को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।
सिन्हा ने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्यों को पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन एकता, विश्वास और संकल्प उन्हें चुनौतियों से पार पाने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रास्ते कभी अपने आप आसान नहीं होते। हमारी एकता उन्हें आसान बनाती है। हमारा विश्वास हमें आगे बढ़ाता है, और हमारा संकल्प हमें मंज़िल तक ले जाता है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के नागरिक कार्य कार्यक्रमों (सिविक एक्शन प्रोग्राम) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे रचनात्मक जुड़ाव के माध्यम से हज़ारों युवाओं को सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने नागरिक कार्य कार्यक्रम के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में हज़ारों युवाओं को सशक्त बनाने का काम करती है। यह जम्मू-कश्मीर पुलिस का मानवीय चेहरा है।
सिन्हा ने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था की स्थितियों, आतंकवाद-विरोधी अभियानों, सामाजिक सहायता और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों के लिए हमेशा उपलब्ध रहती है। उन्होंने युवाओं से एकता के आंदोलन के "ब्रांड एंबेसडर" बनने और कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और धैर्य के माध्यम से अपना भविष्य संवारने का आह्वान किया। सिन्हा ने कहा कि वह चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर का हर युवा इस आंदोलन का ब्रांड एंबेसडर बने।
उन्होंने शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व पर भी ज़ोर दिया और युवाओं से 'फिट इंडिया मूवमेंट' में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि युवा 'फिट इंडिया मूवमेंट' में भागीदार बनें।
सिन्हा ने लोगों से भाईचारे को मज़बूत करने और शांति, सद्भाव और एकता के लिए खुद को समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आपको लोगों के बीच भाईचारे को मज़बूत करना होगा। आपको शांति, सद्भाव और एकता के लिए खुद को समर्पित करना होगा।
उन्होंने कहा कि मैराथन में असली जीत सिर्फ़ फ़िनिश लाइन तक पहुंचना नहीं है, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी मैराथन में असली जीत फ़िनिश लाइन तक पहुंचना नहीं है। असली जीत तब होती है जब हम सब एक-दूसरे की मदद करते हैं और आगे बढ़ते हैं।
लेफ़्टिनेंट गवर्नर ने कहा कि भले ही लोग अलग-अलग रास्तों से आए हों और उनकी पहचान अलग-अलग हो, लेकिन उनकी मंज़िल और राष्ट्रीय पहचान एक ही है। उन्होंने कहा कि हम भले ही अलग-अलग रास्तों से आए हों, लेकिन हमारी मंज़िल एक है। हमारी पहचान भले ही कई हों, लेकिन हमारी राष्ट्रीय पहचान एक ही है।
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