Edited By Sunita sarangal, Updated: 26 Sep, 2026 10:38 AM

इस आतंकी हमले में पुल के नीचे जोरदार धमाका हुआ था, जिसकी चपेट में आकर 2 बेकसूर गैर-स्थानीय मजदूर लहूलुहान हो गए थे।
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में साल 2022 में हुए सनसनीखेज जगलानू ब्रिज आई.ई.डी. ब्लॉस्ट केस में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 2 बाहरी मजदूर घायल हो गए थे।
कांडी थाने की पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के दुर्दांत आतंकी तालिब हुसैन शाह समेत चार साजिशकर्त्ता तालिब हुसैन शाह, मोहम्मद सादिक और मोहम्मद शब्बीर निवासी दराज, तहसील कोटरंका, जिला राजौरी और एक फरार आरोपी मो. कासिम उर्फ सलमान उर्फ सुलेमान, जो पाकिस्तान/पी.ओ.जे.के. से काम कर रहा था, के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है। आरोपियों पर यू.ए.पी.ए., आई.पी.सी. और एक्सप्लोसिव सब्सटैंस एक्ट के संबंधित प्रोविज़न के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस आतंकी हमले में पुल के नीचे जोरदार धमाका हुआ था, जिसकी चपेट में आकर 2 बेकसूर गैर-स्थानीय मजदूर लहूलुहान हो गए थे। जांच पड़ताल के दौरान सामने आया कि सीमा पार पाकिस्तान और पी.ओ.जे.के. में बैठे लश्कर हैंडलर मोहम्मद कासिम के इशारे पर ही घाटी को दहलाने की यह पूरी खौफनाक स्क्रिप्ट तैयार की गई थी। तालिब हुसैन शाह एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लगातार सीमा पार संपर्क में बना हुआ था। आरोपी लंबेरी जंगल के इलाकों में ड्रोन से गिराए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक व कैश वाली खेप लेने और उन्हें दराज में ठिकानों तक ले जाने में शामिल भी पाए गए।
जगलानू ब्रिज पर इस तरह बिछाया गया था बारूद का जाल?
19 अप्रैल 2022 को राजौरी के जगलानू ब्रिज के नीचे अचानक हुए तेज धमाके से पूरा इलाका दहल उठा था। आतंकी वहां बड़ा नुक्सान पहुंचाना चाहते थे। इस विस्फोट में काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूर जख्मी हुए थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कांडी थाने में एफ.आई.आर. नंबर 33/2022 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। जांच अधिकारियों ने कड़ियां जोड़ते हुए साबित किया कि यह कोई स्थानीय वारदात नहीं थी, बल्कि सीमा पार से प्रायोजित एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी।
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