Edited By Neetu Bala, Updated: 31 Aug, 2025 05:33 PM

जारी बारिश के कहर के कारण सैंकड़ों लोगों के सिर से छत्त छिन गई है।
जम्मू : जम्मू में जारी बारिश के कहर के कारण जहां सैंकड़ों लोगों के सिर से छत्त छिन गई है, वहीं तवी नदी में सटे शमशान घाटों पर मुर्दों के अंतिम संस्कार के लिए भी जगह नहीं बची। हर जगह मलबा और पानी के कारण यह शमशान घाट भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तवी नदी से सटे जम्मू शहर के प्राचीन शमशान घाट जोगी गेट की स्थिति देख कर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि बारिश के कारण लोगों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए भी जगह नहीं मिल रही। सूत्रों की मानें तो कुछ शवों को लेकर लोगों को वापस लोटना पड़ रहा है। गौरतलब है कि गत एक सप्ताह से जारी बारिश के कारण तवी नदी से सटे जोगी गेट, गौरखानगर सहित नदी व नहरों के किनारों पर बने शमशान घाटों में पानी भर गया था। जोगी गेट, गौरखनगर से सटा रिहायशी क्षेत्र भी पूरी तरह से तबाह हो गया था। प्रशासन व गैर समाजिक संस्थाएं प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री लेकर पहुंची और बचाव अभियान चलाए परन्तु जोगी गेट (शमशान घाट) की तरफ प्रशासन और न ही किसी अन्स किसी का का ध्यान गया। यह वो स्थान है जहां हर किसी की अंतिम यात्रा निकलनी होती है और प्रशासन ने इसकी मुरम्मत के लिए कोई काम शुरू नहीं करवाया।
सेवा समिती अपने स्तर पर कर रही काम, प्रशासन से मदद की गुहार
इतनी तबाही के बावजूद सेवा समिती के केवल सात से आठ लोग ही दिन रात जोगी गेट की सफाई और मुरम्मत कार्य में लगे हुए हैं। परन्तु इस मलबे को हटाने का काम अगर ऐसे ही जारी रहा तो अगले छ: माह तक यहां की सफाई नहीं हो सकती। सेवा समिती के जोगी गेट के प्रबंधक जोगिन्द्र शर्मा ने बताया कि बारिश के कारण पूरा जोगी गेट पानी में डूब चुका था। जिसके कारण संस्कार के लिए बनाए गए घाट मलबे के नीचे दब चुके थे। दो दिनों तक यहां पर संस्कार करना संभव नहीं था। प्रशासन की तरफ से एक जे.सी.बी. और एक टिप्पर को सफाई के लिए लगाया गया था परन्तु सफाई के लिए यह पर्याप्त संसाधन नहीं थे। सेवा समिती की टीम ने दिन रात काम करके कुछ हद तक शव यात्रा लेकर आने वाले लोगों के लिए रास्ता बनाया, जिसके चलते रविवार को तीन शवों के संस्कार यहां हो सका। उन्होंने बताया कि जब तक रास्ते से मलबा नहीं उठाया जाता तब तक लोगों का यहां पर शव को लेकर आना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहां कि केवल जोगी गेट ही नहीं तवी व नहरों के किनारे बने शमशान घाट की स्थिति बारिश के कारण दयानीय बन चुकी है। जोगिन्द्र शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि वह यहां पर पर्याप्त संसाधन और अधिक संख्या में श्रमिक लगाकर सफाई कार्य करवाए ताकि यहां पर आने वाले दुखद परिवारों को और मुश्किल न उठानी पड़े।
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